Dil To Bachha lyrics
ऐसी उलझी नज़र उनसे हटती नहीं
दाँत से रेशमी डोर कटती नहीं
उम्र कब की बरस के सुफेद हो गयी
कारी बदरी जवानी की छटती नहीं
वल्ला ये धड़कन बढ़ने लगी है
चेहरे की रंगत उड़ने लगी है
डर लगता है तनहा सोने में जी
[दिल तो बच्चा है जी]-2
थोडा कच्चा है जी
दिल तो बच्चा है जी
ऐसी उलझी नज़र उनसे हटती नहीं
दाँत से रेशमी डोर कटती नहीं
उम्र कब की बरस के सुफेद हो गयी
कारी बदरी जवानी की छटती नहीं
Verse 1
किसको पता था पहलू में रखा
दिल ऐसा पाजी भी होगा
हम तो हमेशा समझते थे कोई
हम जैसा हाजी ही होगा
हाय ज़ोर करें, कितना शोर करें
बेवजह बातों पे ऐवे गौर करें
दिलसा कोई कमीना नहीं
कोई तो रोके,कोई तो टोके
इस उम्र में अब खाओगे धोखे
डर लगता है इश्क़ करने में जी
[दिल तो बच्चा है जी]-2
थोडा कच्चा है जी
दिल तो बच्चा है जी
Verse 2
ऐसी उदासी बैठी है दिल पे
हँसने से घबरा रहे हैं
सारी जवानी कतरा के काटी
पीडी में टकरा गये हैं
दिल धड़कता है तो ऐसे लगता है वो
आ रहा है यहीं देखता ही ना हो
प्रेम की मारें कतार रे
तौबह ये लम्हे कटते नहीं क्यों
आँखें से मेरी हटते नहीं क्यों
डर लगता है मुझसे कहने में जी
[दिल तो बच्चा है जी]-2
थोडा कच्चा है जी
दिल तो बच्चा है जी
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